"हिमालय" का सही संधि-विच्छेद है:
सही उत्तर: क. हिम + आलय
अ + आ = आ (दीर्घ संधि): हिम + आलय = हिमालय।
हिंदी में संधि-विच्छेद पर हल सहित MCQ: दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण, अयादि, व्यंजन और विसर्ग संधि के उदाहरण, हर उत्तर के साथ संधि का प्रकार और नियम।
इस भाग में स्वर संधि (दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण, अयादि), व्यंजन संधि और विसर्ग संधि के उदाहरणों का सही संधि-विच्छेद दिया गया है, जैसे हिमालय, महेश और एकैक।
संधि-विच्छेद करते समय देखिए कि जोड़ पर कौन-सा स्वर या वर्ण बना है। गुण संधि में 'ए', 'ओ' और वृद्धि संधि में 'ऐ', 'औ' बनते हैं; यह नियम कई प्रश्न तुरंत हल कर देता है।
सही उत्तर: क. हिम + आलय
अ + आ = आ (दीर्घ संधि): हिम + आलय = हिमालय।
सही उत्तर: ख. परम + आत्मा
अ + आ = आ (दीर्घ संधि): परम + आत्मा = परमात्मा।
सही उत्तर: ग. रवि + इंद्र
इ + इ = ई (दीर्घ संधि): रवि + इंद्र = रवींद्र।
सही उत्तर: ख. भानु + उदय
उ + उ = ऊ (दीर्घ संधि): भानु + उदय = भानूदय।
सही उत्तर: घ. महा + ईश
आ + ई = ए (गुण संधि): महा + ईश = महेश।
सही उत्तर: घ. नर + इंद्र
अ + इ = ए (गुण संधि): नर + इंद्र = नरेंद्र।
सही उत्तर: क. गण + ईश
अ + ई = ए (गुण संधि): गण + ईश = गणेश।
सही उत्तर: ग. महा + उत्सव
आ + उ = ओ (गुण संधि): महा + उत्सव = महोत्सव।
सही उत्तर: ख. एक + एक
अ + ए = ऐ (वृद्धि संधि): एक + एक = एकैक।
सही उत्तर: क. महा + औषध
आ + औ = औ (वृद्धि संधि): महा + औषध = महौषध।
सही उत्तर: घ. सु + आगत
उ + भिन्न स्वर (आ) = व् + आ (यण संधि): सु + आगत = स्वागत।
सही उत्तर: ग. अति + अधिक
इ + भिन्न स्वर (अ) = य् + अ (यण संधि): अति + अधिक = अत्यधिक।
सही उत्तर: क. ने + अन
ए + अ = अय (अयादि संधि): ने + अन = नयन।
सही उत्तर: ग. पौ + अक
औ + अ = आव (अयादि संधि): पौ + अक = पावक।
सही उत्तर: ग. वाक् + दान
क् के बाद घोष वर्ण (द) आने पर क् का ग् हो जाता है (व्यंजन संधि): वाक् + दान = वाग्दान।
सही उत्तर: ख. सत् + जन
त् के बाद ज आने पर त् का ज् हो जाता है (व्यंजन संधि): सत् + जन = सज्जन।
सही उत्तर: ख. उत् + लास
त् के बाद ल आने पर त् का ल् हो जाता है (व्यंजन संधि): उत् + लास = उल्लास।
सही उत्तर: क. निः + चय
विसर्ग के बाद च आने पर विसर्ग का श् हो जाता है (विसर्ग संधि): निः + चय = निश्चय।
सही उत्तर: घ. दुः + जन
इ/उ वाले विसर्ग के बाद घोष वर्ण (ज) आने पर विसर्ग का र् हो जाता है (विसर्ग संधि): दुः + जन = दुर्जन।
सही उत्तर: घ. नमः + ते
विसर्ग के बाद त आने पर विसर्ग का स् हो जाता है (विसर्ग संधि): नमः + ते = नमस्ते।