"चारु चंद्र की चंचल किरणें" में कौन-सा अलंकार है?
सही उत्तर: ग. अनुप्रास
"च" वर्ण की बार-बार आवृत्ति से यहाँ अनुप्रास अलंकार है।
हिंदी काव्यशास्त्र पर आधारित हल सहित MCQ: अनुप्रास, यमक, श्लेष, उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति अलंकार, नौ रस और उनके स्थायी भाव, तथा दोहा छंद।
इस भाग में काव्यशास्त्र के तीन महत्वपूर्ण अंग शामिल हैं: अलंकार (अनुप्रास, यमक, श्लेष, उपमा आदि), रस और उनके स्थायी भाव, तथा छंद। प्रसिद्ध काव्य-पंक्तियों के आधार पर अलंकार और रस पहचानना सीखिए।
रस के प्रश्नों में अक्सर स्थायी भाव पूछा जाता है, इसलिए प्रत्येक रस को उसके स्थायी भाव के साथ जोड़कर याद कीजिए। अलंकार पहचानते समय देखिए कि चमत्कार शब्द में है या अर्थ में।
सही उत्तर: ग. अनुप्रास
"च" वर्ण की बार-बार आवृत्ति से यहाँ अनुप्रास अलंकार है।
सही उत्तर: घ. उपमा
मन की तुलना पीपल के पत्ते से "सरिस" (समान) वाचक शब्द द्वारा की गई है, इसलिए उपमा अलंकार है।
सही उत्तर: ख. रूपक
चरणों पर कमल का अभेद आरोप है (चरण ही कमल हैं), इसलिए रूपक अलंकार है।
सही उत्तर: घ. यमक
"कनक" दो बार आया है और दोनों बार अर्थ अलग है (सोना और धतूरा), इसलिए यमक अलंकार है।
सही उत्तर: ग. श्लेष
एक ही शब्द "पानी" के कई अर्थ (चमक, सम्मान, जल) निकलते हैं, इसलिए श्लेष अलंकार है।
सही उत्तर: ग. उत्प्रेक्षा
संभावना या कल्पना व्यक्त करने वाले मानो, जनु, मनु, जानो उत्प्रेक्षा अलंकार के वाचक शब्द हैं।
सही उत्तर: ग. अतिशयोक्ति
आग लगने से पहले ही लंका जल गई: बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहने के कारण अतिशयोक्ति अलंकार है।
सही उत्तर: ख. यमक
यमक में शब्द की आवृत्ति अलग-अलग अर्थों में होती है; श्लेष में शब्द एक बार आकर कई अर्थ देता है।
सही उत्तर: ग. 9
भरत मुनि ने नाट्यशास्त्र में आठ रस बताए थे; बाद में शांत रस जुड़ने से नौ रस (नवरस) प्रचलित हुए। कुछ आचार्य वात्सल्य और भक्ति को भी अलग रस मानते हैं।
Read detailsसही उत्तर: क. शृंगार
शृंगार रस को सब रसों में प्रमुख मानकर रसराज कहा जाता है।
सही उत्तर: ग. रति
शृंगार रस का स्थायी भाव रति (प्रेम) है।
सही उत्तर: क. हास
हास्य रस का स्थायी भाव हास है।
सही उत्तर: ख. शोक
करुण रस का स्थायी भाव शोक है।
सही उत्तर: घ. उत्साह
वीर रस का स्थायी भाव उत्साह है।
सही उत्तर: क. क्रोध
रौद्र रस का स्थायी भाव क्रोध है।
सही उत्तर: ख. भय
भयानक रस का स्थायी भाव भय है।
सही उत्तर: घ. जुगुप्सा (घृणा)
वीभत्स रस का स्थायी भाव जुगुप्सा अर्थात् घृणा है।
सही उत्तर: क. विस्मय
अद्भुत रस का स्थायी भाव विस्मय (आश्चर्य) है।
सही उत्तर: ख. निर्वेद
शांत रस का स्थायी भाव निर्वेद (संसार से वैराग्य) है।
सही उत्तर: ग. 24
दोहे के विषम चरण में 13 और सम चरण में 11 मात्राएँ होती हैं, यानी हर पंक्ति में 24 मात्राएँ।